Skip to main content

हरियाणा में सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म:कल पंचायत चुनाव वोटिंग देख नुकसान से डरी सरकार; छुट्‌टी के दिन मंत्री को मीटिंग करनी पड़ी



हरियाणा में 11 दिन से चल रही सफाई कर्मियों की हड़ताल शनिवार को खत्म हो गई। चंडीगढ़ में हरियाणा भवन में हुई मीटिंग में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। खास बात यह है कि  अभी तक खट्‌टर सरकार अड़ियल रवैया दिखा रही थी। अब पहले चरण के पंचायत चुनाव के लिए कल 9 जिलों में मतदान है।

सफाई कर्मियों की हड़ताल और लोगों के सफाई न होने का गुस्सा न फूटे, इसलिए छुट्‌टी के दिन मीटिंग बुलाई गई। जिसमें सरकार ने चुनाव आचार संहिता की दुहाई देकर हड़ताल खत्म करा ली। आदमपुर विधानसभा सीट पर भी 3 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान है। जिसकी वजह से हड़ताल खत्म कराने में तेजी दिखाई गई।

राज्य का कूड़ा साफ करने के लिए 3 दिन का समय
राज्य के निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने हड़ताल खत्म होने की पुष्टि करते हुए कहा कि कर्मचारियों से सहमति हो चुकी है। जिसके बाद उन्होंने हड़ताल वापस ले ली है। हड़ताल के 10 दिनों में जो भी कूड़ा राज्य में जमा हुआ, उसे उठाने के लिए 10 दिन का वक्त दिया गया है।

दो घंटे हुई मीटिंग
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की पिछले 11 दिनों से चल रही हड़ताल समाप्त करने को लेकर चंडीगढ़ में मीटिंग हुई। मीटिंग में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता एवं री उमाशंकर प्रधान सचिव मुख्यमंत्री व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मीटिंग में दो घंटे चली वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त हुई।

हड़ताल खत्म होने से खुश निकाय मंत्री कमल गुप्ता।
हड़ताल खत्म होने से खुश निकाय मंत्री कमल गुप्ता।

6 नवंबर तक सरकार को दिया समय
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने 6 नवंबर तक प्रोसीडिंग जारी कर मानी गई मांगों को लागू करने का सरकार को समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 6 नवंबर तक मांगों को लागू नहीं किया गया तो नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

मांगों पर सहमति का 6 नवंबर को खुलासा
हरियाणा के निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने बताया कि इन दिनों राज्य में पंचायत और आदमपुर उपचुनाव चल रहे हैं। जिलों में आचार संहिता लगी हुई है। इस कारण से कर्मचारियों के साथ हुई मीटिंग में किन बातों पर सहमति बनी है इसका खुलासा 6 नवंबर को किया जाएगा।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...