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Sirsa News: सिंघपुरा चौकी इंचार्ज सहित सभी कर्मचारी लाइन हाजिर, ग्रामीणों ने पुलिस सरंक्षण में नशा बेचने की सीएम को दी थी शिकायत

 

सिरसा के कालांवाली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली सिंघपुरा चौकी इंचार्ज सहित सभी कर्मचारियों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है और वहां पर नया स्टाफ तैनात करने के आदेश दिए है। ग्रामीणों ने पुलिस के संरक्षण में नशा बेचने के मामले की शिकायत मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए चौकी के पूरे स्टाफ को बदलने के आदेश जारी किए। 

ओढां में प्रगति रैली के बाद गांव दादू के गुरुद्वारा में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष ग्रामीणों ने पुलिस के संरक्षण में नशा बेचने की शिकायत दी थी। ग्रामीणों ने कहा था कि नशे की सप्लाई दिन दिहाड़े की जाती है। जब वह पुलिस को मामले की शिकायत देते हैं तो पुलिस उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं करती। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही एसपी को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। अब एसपी डॉ. अर्पित जैन की ओर से सिंघपुरा चौकी के स्टाफ को लाइन हाजिर कर वहां पर एसआई संदीप कुमार को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है और उन्हें नशा करने व बेचने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

गांवों में स्थिति हो रही अधिक खराब, शिकायत के बाद नहीं होती कार्रवाई

जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में भी नशे की सप्लाई दिन दिहाड़े होती है और युवक नशे का सेवन करते है। पुलिस को मामले की शिकायत देने के बाद भी संबंधित आरोपियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो पाती। नशा सप्लायरों पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण सप्लायरों के हौसले भी बुलंद होते जा रहे हैं।

रानियां में मामला दर्ज होने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

रानियां क्षेत्र में नशे के कारण दो युवकों की मौत हो गई। एक युवक के पिता ने पुलिस को नशा सप्लाई करने वाले 13 लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। लेकिन अभी तक संबंधित आरोपियों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो पाई है। कॉलोनी वासी मामले को लेकर रानियां थाने का घेराव भी कर चुके हैं।

गांवों में पकड़े जा रहे है हर रोज नशा करने वाले युवा

गांवों में हर रोज नशा करने वाले युवाओं को ग्रामीणों की ओर से पकड़ा जा रहा है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी जाती है। ग्रामीण प्रदर्शन कर नशेड़ियों को पुलिस के हवाले करते है। लेकिन कुछ समय बाद फिर से ही उन्हें छोड़ दिया जाता है।


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