Skip to main content

समिति चुनाव के मसले पर हंगामा, वोट डालने पहुंचे तो पता चला चुनाव रद्द, लोगों में रोष

 


 हरियाणा/रेवाड़ी। शहर की दो सामाजिक संस्थाएं समिति के सदस्यों ने रविवार को चुनाव को लेकर जमकर हंगामा किया। साथ ही जिला रजिस्ट्रार की ओर से नियुक्त प्रशासक कम रिटर्निंग अधिकारी सतीश कुमार जोशी का पुतला फूंककर विरोध जताया। उनका कहना था कि समिति में राजनीति लोगों का दखल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भगवान परशुराम शिक्षा समिति के पदाधिकारियों का रविवार को चुनाव कराया जाना था। चुनाव को लेकर पहले ही सदस्यों के बीच गुटबाजी व्याप्त है और उसी के चलते आज यहां ब्रह्मगढ़ में हंगामा हुआ। समिति सदस्यों की मानी जाए तो समिति की मतदाता सूची कई सालों से अभी तक अपडेट नहीं। वहीं, समिति के चुनाव कराने के लिए जिला रजिस्ट्रार ने पहले पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्डोदिया को प्रशासक और रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को आगे भी बढ़ाया, मगर जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में किसी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आने के बाद जिला रजिस्ट्रार ने बल्डोदिया को इस पद से हटाकर इनकी जगह लोक संपर्क विभाग के सेवानिवृत्त उप निदेशक सतीश कुमार जोशी को इस पद की जिम्मेदारी सौंपते हुए इनको समिति के पदाधिकारियों का चुनाव कराने का जिम्मा सौंपा।

उधर एडवोकेट अजय गौड़, जो समिति के चुनाव में उम्मीदवार हैं, के साथ कुछ अन्य समिति सदस्यों ने मामले में जिला रजिस्ट्रार की ओर से चुनाव प्रक्रिया के बीच प्रशासक कम रिटर्निंग अधिकारी बदलने पर एतराज उठाया और नए रिटर्निंग अधिकारी जोशी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाया। मामले में प्रशासन ने जांच रिपोर्ट मंगवाई है। मामले में रिटर्निंग अधिकारी सतीश कुमार जोशी ने समिति के पूर्व प्रधान बलबीर सिंह शर्मा से समिति सदस्यों की मतदाता सूची मांगी, जो कथित तौर पर उपलब्ध नहीं कराई गई, ऐसी सूरत में रजिस्ट्रार को जोशी की ओर से एक पत्र लिखकर मतदाता सूची उपलब्ध कराने की गुहार लगाई गई। ऐसी सूरत में बिना मतदाता सूचियों के समिति पदाधिकारियों का चुनाव करा पाना संभव नहीं था। ऐसी सूरत में हंगामा तब हुआ जब रविवार को समिति सदस्य, जो जोशी की नियुक्ति का विरोध कर रहे थे, उन्होंने यहां चुनाव के लिए मत डालने की बात कहते हुए रिटर्निंग अधिकारी सतीश कुमार जोशी के गायब मिलने पर हंगामा खड़ा कर दिया।
पूर्व प्राचार्य डॉ. लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि समिति के चुनाव में वे मत डालने आए थे, मगर यहां चुनाव कैंसिल होने की बात चली। ऐसी सूरत में अजय गौड़ की अध्यक्षता में तीन दर्जन से अधिक समिति सदस्यों की एक बैठक ब्रह्मगढ़ परिसर में हुई, जिसमें रिटर्निंग अधिकारी जोशी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए समिति पदाधिकारियों के चुनाव को निरस्त किए जाने की उनको सूचना नहीं मिलने पर विरोध जताते हुए जोशी का ब्रह्मगढ़ परिसर के बाहर सरकूलर रोड पर पुतला फूंका है।
सभा के प्रधान चंद्रशेखर गौतम, एसके त्यागी, मधुसूदन शर्मा, दीपक गौड़, सत्यप्रकाश गौतम, पूर्व बैंक मैनेजर ओमप्रकाश शर्मा, सुभाष चंद्र शर्मा, जयकुमार समेत दर्जनों सदस्यों ने रविवार को हुए घटनाक्रम पर दुख जताते हुए इसे ब्राह्मण समाज की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताया। इन सभी ने समिति की मतदाता सूचियों को तुरंत अपडेट कराए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई है।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...