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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बेकरियों पर मारे छापे

  हरियाणा/ रेवाड़ी

जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को शहर के दिल्ली रोड स्थित आधा दर्जन बेकरियों पर छापे मारीने के बाद पांच खाद्य नमूनों लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला में भिजवा दिया गया। उधर नगर के सरकुलर रोड पर एक दुकान से लिए पतजंलि ब्रांड से मिलते जुलते देसी घी का नमूना जो जनवरी माह में लेकर जांच के लिए प्रयोग शाला में भिजवा गया था वह जांच में फेल पाया गया है। अब विभाग की ओर से संबंधित दुकानदार को नोटिस जारी करके इस मामले में अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा और इस अवधि में अगर उसका जवाब नहीं मिलता या फिर जवाब संतोषजनक नहीं होता तो विभाग उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर देगा, जिसके तहत संबंधित पर आर्थिक जुर्माना और सजा का प्रावधान या दोनों हो सकते हैं


बता दें, खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दिसंबर से लगातार मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ छापे मारने की कार्रवाई की जा रही है। जिले के कस्बा बावल, धारूहेड़ा, रेवाड़ी, कोसली, कुंड, खोरी और डहीना आदि जगहों पर छापे मारकर नमूने लिये। इन नमूनों को सील करके जांच के लिए विभाग ने अपनी प्रयोगशाला में भिजवाया हुआ है। बता दें कि नारनौल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पतंजलि ब्रांड से मिलते जुलते एक ब्रांड के देसी घी का नमूना लेकर जांच के लिए भिजवाया था जो बाद में जांच में फेल निकाला। विभाग ने संबंधित दुकानदार को एक माह का नोटिस दिया और अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है।

शहर के उत्तम नगर इलाके में आज कुछ बेकरियों पर छापे मारकर ब्रेड, बिस्कुट आदि बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और साफ सफाई को लेकर संबंधित कारखाना मालिकों को जरूरी निर्देश दिए गए। पांच नमूने लेकर उनको मौके पर सील करने के बाद जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला में भिजवा दिया गया है। शहर में बेकरियों पर छापामारी का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जिले के आम लोगों से आज यह अपील की कि अगर उनको किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट होने का संदेह हो तो वे संबंधित खाद्य सामग्री का नमूना विभाग को देकर उसकी जांच करा सकते हैं। अगर जांच में नमूना फेल हो जाता है तो विभाग संबंधित दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को भी जागरूकता दिखाते हुए सामान खरीदते वक्त सामान का बिल जरूर लेना चाहिए ताकि दुकानदार बाद में अपनी बेची हुई चीज को अपना बताने से मुकर नहीं जाए।



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