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चंडीगढ़ में प्रदर्शन में रिक्शा पर बच्चे को बैठाकर बुरी फंसी कांग्रेस, हुड्डा और शकुंतला खटक को नोटिस संभव

 


हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में महिला विधायकों द्वारा ट्रैक्टर खींचने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा विवादों में आ गए थे, अब मानसून सत्र में भी उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। हुड्डा के नेतृत्व में निकाले गए पैदल रोष मार्च में रिक्शा पर एक छोटा बच्चा भी बैठाया गया था। उसके हाथ में कापी-पेन था और वह कुछ लिख रहा था। कांग्रेसी प्रदर्शनकारी रिक्शा में बैठे इस बच्चे को आधार बनाकर यह संदेश देना चाह रहे थे कि हरियाणा में नकल अब आम हो गई है और पेपर लीक होना बड़ी समस्या बन गई। इस मामले में हुड्डा और कांग्रेस की महिला विधायक शकुंतला खटक पर‍ शिकंजा सकता है।

भाजपा ने घेरा, राज्य बाल संरक्षण आयोग की तरफ से हुड्डा व शकुंतला खटक को नोटिस संभव

कांग्रेस के इस रोष प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था। सत्तारूढ़ भाजपा व जजपा गठबंधन की सरकार ने रिक्शा पर मासूम बच्चे को बैठाए जाने को कांग्रेसियों पर जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल मीडिया एडवाइजर विनोद मेहता ने शुक्रवार रात को ट्वीट करते हुए रिक्शा में बैठे इस बच्चे की वीडियो टैग की है।

विधानसभा के बजट सत्र में महिला विधायक के ट्रैक्टर खींचने पर विवादों में आए थे हुड्डा

मेहता ने अपने ट्वीट में कहा कि देश में जुवेनाइल एक्ट कांग्रेस राज में बना था। देश और हरियाणा में लंबे समय तक राज करने वाली कांग्रेस को इतनी भी समझ नहीं है कि राजनीतिक पब्लिसिटी के लिए तीसरी क्लास के नाबालिग बच्चे का इस्तेमाल करना अपराध है। विनोद मेहता के इस ट्वीट को मुख्यमंत्री कार्यालय ने री-ट्वीट किया है। राज्य बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा की ओर से इस वीडियो पर कांग्रेस विधायकों खासकर विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा को नोटिस दिए जाने की संभावना है।

ऐसा ही नोटिस राज्य महिला आयोग ने बजट सत्र में हुड्डा को दिया था, जिसमें पूछा गया था कि महिला दिवस के अवसर पर महिला विधायकों द्वारा उन्होंने अपना ट्रैक्टर क्यों खिंचवाया। हालांकि तब ट्रैक्टर खींचने वाली महिला विधायक शकुंतला खटक ने कहा था कि हुड्डा मेरे नेता हैं और मेरे पिता समान हैं। मैंने अपनी मर्जी से उनका ट्रैक्टर खींचा था। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

यह संयोग ही है कि शुक्रवार को महंगाई, पेपर लीक प्रकरण, पेट्रोल व गैस की कीमतों में बढ़ोतरी तथा तीन कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेस के रोष प्रदर्शन के दौरान जिस रिक्शा में नाबालिग बच्चा बैठा था, उसके पास ही विधायक शकुंतला खटक माइक से बोल रही थी। राज्य बाल संरक्षण आयोग की तरफ से प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले हुड्डा और शकुंतला खटक को व्यक्तिगत नोटिस भी दिया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मीडिया सलाहकार सुनील परती ने कहा कि जब सत्ता पक्ष के पास कोई जवाब नहीं होता तो वह अपनी झेंप मिटाने के लिए बेसिर-पैर के ऐसे मुद्दे सामने लाकर लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाना चाहते हैं। लोग इस झांसे में आने वाले नहीं हैं।



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