Skip to main content

लूट के इरादे से 5 बदमाशों ने दुकान में घुसकर व्यापारी पर किया हमला, शोर मचाने पर भागे

 


नई अनाजमंडी में शाम को 6.40 बजे की वारदात

 हरियाणा/ रेवाड़ी

शहर नई अनाजमंडी में शुक्रवार शाम को 5 बदमाशों ने दुकान में घुसकर एक चावल व्यापारी पर हमला कर दिया। बदमाशों ने उनके सिर में पिस्टल की बट मारी, जिससे वे घायल हो गए। शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकले। संदेह जताया जा रहा है कि बदमाश लूट के इरादे से दुकान में घुसे थे, मगर कामयाब नहीं हो पाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें पांचों आरोपी नजर आ रहे हैं। फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश की जा रही हैं।

चावल का भाव पूछा, फिर मारपीट करने लगे

चावल व्यापारी दीपक कुमार की नई अनाजमंडी में दुकान है। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6.40 बजे दुकान में बैठे हुए थे। इसी दौरान दो युवक दुकान में आए तथा चाव का भाव पूछने लगे। उनके पीछे-पीछे ही 3 युवक और दुकान में घुस आए। रेट की पूछताछ करते हुए ही अचानक उन्होंने व्यापारी पर हमला कर दिया।

पिस्टल निकालकर उन्हें धमकी दी तथा सिर पर पिस्टल की बट से वार किया। सिर के साथ ही व्यापारी की आंख के नीचे भी चोट आई। बदमाशों के हमला करते हुए व्यापारी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग उस तरफ दौड़े तो बदमाश पकड़े जाने के डर से भागते हुए वहां से निकल गए। आसपास के लोगों का कहना है कि बदमाश किसी गाड़ी में आए थे, जिसे साइड में खड़ी कर दुकान के अंदर गए थे।

भागते हुए वापस निकले

मॉडल टाउन थाना एसएचओ, सेक्टर-3 चौकी प्रभारी व सीआईए टीम मौके पर पहुंची और व्यापारी से पूछताछ करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें बदमाश पैदल चलकर आते तथा कुछ ही देर में भागकर वापस जाते नजर आ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

साजिश का संदेह... 5 अप्रैल को इसी दुकान का टूटा था ताला

जिस व्यापारी पर शुक्रवार को हमला किया गया, उनके पहले भी वारदात हो चुकी है। अनाजमंडी व्यापारियों ने बताया कि 5 अप्रैल की रात को उन्हीं की दुकान का ताला टूटा था। उस समय चोर 6 हजार रुपए की नकदी और लैपटॉप सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए थे। अब उसी व्यापारी पर हमला किए जाने से साजिश का भी संदेह है।

व्यापारियों में चिंता, पुलिस कार्रवाई करे : प्रधान

नई अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान राधेश्याम मित्तल का कहना है कि दुकान में घुसकर अंजाम दी गई वारदात से व्यापारियों में चिंता और असुरक्षा का भाव उत्पन्न हुआ है। लग रहा है कि व्यापारी लूट के इरादे से आए थे। पुलिस तुरंत कार्रवाई करते हुए बदमाशों को पकड़े, ताकि बदमाशों में कानून का डर रहे।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...