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Corona in Delhi: कोरोना की दूसरी लहर को लेकर दिल्ली सरकार अलर्ट, बस अड्डे-रेलवे स्टेशन पर भी होगा रैंडम टेस्ट

 


दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) के एक आदेश में कहा गया है कि रैंडम टेस्टिंग दिल्ली हवाई अड्डे, सभी रेलवे स्टेशनों, राष्ट्रीय राजधानी बस अड्डों (ISBT) और राष्ट्रीय राजधानी में अन्य जगहों पर होंगे.


नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना संक्रमण (Corona in Delhi) मामलों के बीच फैसला लिया गया है कि  राज्य में आने वाले यात्रियों की रैंडम टेस्टिंग की जा सकती है और संक्रमित पाए जाने पर 10 दिनों का अनिवार्य क्वारंटीन होगा. दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के एक आदेश में कहा गया है कि रैंडम टेस्टिंग दिल्ली हवाई अड्डे, सभी रेलवे स्टेशनों, राष्ट्रीय राजधानी बस अड्डों (ISBT) और राष्ट्रीय राजधानी में अन्य जगहों पर होंगे. सैंपलिंग के बाद यात्रियों को बाहर निकलने की अनुमति होगी, लेकिन संक्रमित पाए जाने वाले यात्रियों को घर पर या अस्पताल में 10 दिनों के लिए क्वारंटीन रहना होगा.

DDMA ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली में COVID-19 की स्थिति की समीक्षा की गई है और यह देखा गया है कि कुछ राज्यों में 'COVID-19 मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है. इसमें कहा गया है कि रैंडम टेस्टिंग उन राज्यों से आने वाले यात्रियों का किया जाएगा जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि DDMA की ओर से राज्यों की कोई लिस्ट नहीं दी गई है.

दिल्ली में कोविड मरीजों के लिए और बेड आरक्षित किए जा रहे हैं: केजरीवाल
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस के 992 नए मामले आए और नमूनों के संक्रमित आने की दर 2.70 फीसदी रही. अधिकारियों ने कहा कि होली की वजह से सोमवार को कम नमूनों की जांच हुई जिस वजह से संक्रमण के मामलों की संख्या कम है. दिल्ली में सोमवार को 1904 नए मामले आए थे जो बीते साढ़े तीन महीने में एक दिन में हुई सर्वाधिक बढ़ोतरी थी.

दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के कुछ अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित बेडों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है. केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'दिल्ली में कोविड की स्थिति के मद्देनजर, कोविड मरीजों के लिए आरक्षित सामान्य और आईसीयू बेडों की संख्या कुछ अस्पतालों में बढ़ाई जा रही है. यह उपलब्धता में सुधार करेगा. हम करीब से निगाह रख रहे हैं और जरूरी कदम उठाएंगे. चिंता की कोई बात नहीं है. कृपया सभी उपायों का पालन करें.'
कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित आईसीयू बेड भर गए
इस बीच दिल्ली के 14 निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित आईसीयू बेड भर गए हैं. सरकार की ‘दिल्ली कोरोना’ ऐप के मुताबिक, सरकारी और निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर से लैस 787 आईसीयू बेड हैं जिनमें से मंगलवार शाम छह बजे तक 278 भर गए हैं. इसी के साथ, बिना वेंटिलेटर वाले 1229 कोविड-19 आईसीयू बेडों में से 379 भर गए हैं.

रोहिणी स्थित श्री अग्रसेन इंटरनेशल हॉस्पिटल (15 आईसीयू बेड) व जयपुर गोल्डन अस्पताल (छह आईसीयू बेड), शालीमार बाग स्थित मैक्स एसएस अस्पताल (पांच आईसीयू बेड) और फोर्टिस अस्पताल (पांच आईसीयू बेड) उन निजी अस्पतालों में शामिल हैं जहां वेंटिलेटर से लैस एक भी आईसीयू बेड खाली नहीं है.
द्वारका के वेकेंटश्वर अस्पताल, वसंत कुंज के इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर और पंजाबी बाग के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में शाम छह बजे तक वेंटिलेटर से लैस सभी आईसीयू बेड भर गए हैं. मंगलवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में 5784 बेड कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित हैं जिनमें से 1584 भर गए हैं. इससे पहले दिन में, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में आईसीयू बेड उपलब्ध हैं


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