Skip to main content

हरियाणा निकाय चुनाव : कौन हैं पूनम यादव जिन्होंने बचाई भाजपा की 'लाज

 


हरियाणा निकाय चुनाव में भाजपा को कई सीटों पर हार सामना करना पड़ा तो वहीं कुछ प्रत्याशियों ने जीत दर्जकर पार्टी की लाज बरकरार रखी। तीन नगर निगमों में से भाजपा को दो में हार मिली। वहीं रेवाड़ी नगर परिषद से भाजपा की पूनम यादव ने जीत दर्ज की। पंचकूला नगर निगम सीट भाजपा के खाते में गई। आइए जानते हैं रेवाडी नगर परिषद में भाजपा को जीतने वाली पूनम यादव के बारे में...

पूनम यादव ने चुनाव से पहले टिकट की दौड़ में भाजपा के दिग्गज नेताओं को शिकस्त दी। अब चुनावी मैदान में अपने विरोधियों को पटखनी दी। पूनम की जीत के चर्चे पूरे प्रदेश में हैं। बेहद शांत दिखने वालीं पूनम ने अपनी राजनीतिक कुशलता से मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद किया। पूनम रेवाड़ी के सेक्टर- तीन से पार्षद रह चुकी हैं। उनके पति बलजीत भी कई बार पार्षद रहे 



अपने वार्ड से बाहर पूनम की कोई खास पहचान नहीं थी। लोगों का कहना है कि शांत स्वभाव और कम दिखावा उनके काम आया। पूनम यादव गृहिणी हैं और 10वीं पास हैं। रेवाड़ी से भाजपा से 21 लोग टिकट मांग रहे थे लेकिन पूनम ने संघ के आशीर्वाद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के समर्थन से टिकट पाने में पहली सीढ़ी पार की। फिर सीएम से लेकर प्रदेश के बड़े मंत्री व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी पूनम की जीत के लिए प्रचार किया। 49 वर्षीय पूनम यादव का एक बेटा है।

ये रहा हार-जीत का फासला
पूनम यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार उपमा यादव को 2087 वोट से हराया। उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष के लिए कुल 74276 में से 25965 वोट मिले। वहीं निर्दलीय उपमा यादव 23878 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहीं। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव के भाई की पुत्रवधु व कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम यादव को 15271 मत मिले, वे तीसरे स्थान पर रहीं। चौथे नंबर पर बसपा प्रत्याशी मंजू कुमारी को 4114 वोट मिले। निर्दलीय निर्मला राव को 3262 व ज्योती रानी को 1086 वोट मिले।

रेवाड़ी में भाजपा के जीते महज सात पार्षद
रेवाड़ी नगर पालिका के 31 वार्ड में से भाजपा ने 28 पर पार्टी चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन केवल सात वार्ड में ही भाजपा पार्षदों को जीत मिली। 24 उम्मीदवार निर्दलीय जीते हैं। इसमें से कुछ कांग्रेस समर्थक भी हैं।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...