Skip to main content

Coronavirus को लेकर हो रही मीटिंग के दौरान PM मोदी ने लगाई खट्टर की `क्लास`

 


कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर (ML Khattar) की क्लास लगा दी.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर प्रधानमंत्री मोदी (Pm Narendra Modi) ने 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर (Manohar lal Khattar) जब आंकड़े बताने लगे तो PM Modi ने उनकी क्लास लगा दी. पीएम मोदी ने कहा, आंकड़े पहले ही आ चुके हैं, आपके पास आगे का प्लान क्या है?


'क्या कर रहे हैं आप?'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Narendra Modi) ने हरियाणा के सीएम खट्टर से पूछा, कोरोना वायरस (Coronavirus) की रोकथाम के लिए आप क्या कर रहे हैं और आगे क्या करेंगे? यह बताइए. इसके बाद खट्टर ने कहा गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, रोहतक, पानीपत और हिसार में पाबंदियां लगाई हैं. बंद जगहों पर 50 और खुली जगहों पर 100 लोग से ज्यादा इकट्ठे नहीं हो सकंगें. उन्होंने कहा, बाकी जिलों में जगह के आधार पर 100 और 200 लोगों को अनुमति दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगा है जवाब


बता दें, त्योहारों के बाद अचानक कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इन हालातों को देखते हुए ही पीएम मोदी ने 8 ऐसे राज्य जहां स्थिति बिगड़ रही है उनसे कोरोना की रोकथाम को लेकर किए जा रहे प्रयास और भविष्य की योजना जानने के लिए वर्चुअल मीटिंग की. सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी राज्यों से दो दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है. ऐसे में तमाम राज्य अपने-अपने स्तर से कदम उठा रहे हैं. कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू भी लगाया गया है. सामूहिक आयोजनों में संख्या को लेकर नियम बनाए गए हैं.

लापरवाही न करें राज्य
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को राज्यों को आगाह किया कि वे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में थोड़ी भी ढिलाई ना बरतें और उनसे आग्रह किया कि वे पहले से भी ज्यादा सतर्क रहें. इससे होने वाली मृत्यु की दर को एक प्रतिशत के नीचे लाने का प्रयास करें. राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने आरटी-पीसीआर जांच का अनुपात बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि घरों में आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की निगरानी भी बेहतरीन करनी होगी.



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...