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राजनीतिक घराने में अंतर्कलह:रामपुरा हाउस की नई पीढ़ी में सिर्फ अर्जुन ने ही लड़ा है चुनाव इन पर पिता ने पहले एफआईआर कराई, फिर किया बेदखल

 

अहीरवाल के सबसे बड़े राजनीतिक घराने रामपुरा हाउस पारीवारिक विवाद के चलते चर्चा में है। पूर्व मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह के मंझले बेटे राव अजीत सिंह ने अपने बड़े बेटे राव अर्जुन सिंह को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया है। बुधवार को उन्होंने बेदखली की सूचना अखबारों में प्रकाशित कराई।

इससे पहले राव अजीत ने अर्जुन के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला रामपुरा थाना में दर्ज कराया था। प्रदेश के साथ ही केंद्र तक राव बिरेंद्र सिंह की साख के चलते राव परिवार यह विवाद हर किसी की जुबान पर है। बता दें कि रामपुरा हाउस की नई पीढ़ी में राव अर्जुन ही पहले हैं, जो कि चुनावी मैदान में उतरे हैं। जबकि नई पीढ़ी में अन्य को अभी तक चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला है।

नई पीढ़ी में आरती और अर्जुन ही राजनीति में सक्रिय
राव बिंरेंद्र सिंह परिवार ने प्रदेश को कई मंत्री और विधायक दिए हैं। राव बिरेंद्र खुद प्रदेश की कमान संभाल चुके हैं। राव बिरेंद्र सिंह की बहन सुमित्रा बाईजी भी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थी। राव बिरेंद्र के 3 पुत्रों में सबसे बडे राव इंद्रजीत सिंह इलाके के कद्दावर नेता हैं तथा वर्तमान में भी केंद्र सरकार में मंत्री हैं।

सबसे छोटे बेटे राव यादवेंद्र सिंह कोसली सीट से 2 बार विधायक रहे हैं। जबकि मंझले बेटे राव अजीत सिंह चुनावी मैदान में उतरे थे, मगर जीत नहीं सके थे। नई पीढ़ी में केवल राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती सिंह राव और राव अजीत के बड़े बेटे राव अर्जुन ही राजनीति में सक्रिय हैं। आरती को अभी तक चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला है। जबकि अर्जुन को 2019 के चुनाव में ही कांग्रेस ने अटेली सीट से टिकट दी। हालांकि वे चुनाव हार गए थे।

दो सप्ताह पहले कराया मुकदमा

राव अजीत सिंह ने अर्जुन के खिलाफ दो सप्ताह पहले रामपुरा थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा कि उनके बेटे अर्जुन ने उनके साथ अभद्रता की तथा जान से मारने की धमकी दी। अर्जुन के खिलाफ 4 साल पहले भी रामपुरा थाने में एक अन्य मामले में केस दर्ज हुआ था। जिसका जिक्र भी राव अजीत ने अपने नोटिस में किया है।



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