Skip to main content

अवैध कालोनी में तोड़फोड़, विरोध के कारण लौटी टीम

 


रेवाड़ी: बावल रोड पर गांव सुठानी की राजस्व सीमा में विकसित की जा रहीं दो अवैध कालोनियों में बृहस्पतिवार को जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से तोड़फोड़ की गई। कार्रवाई शुरू करने के कुछ समय बाद ही बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए तथा विरोध शुरू कर दिया। लोगों के विरोध के कारण डीटीपी की टीम को तोड़फोड़ की कार्रवाई को बीच में ही छोड़ कर वापस लौटना पड़ा। प्रशासन की ओर से कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी गई थी। डीटीपी की टीम द्वारा अन्य जगहों पर अवैध निर्माण गिराए गए।



जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से गांव सुठानी में अवैध निर्माण पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। बृहस्पतिवार को विभाग की टीम जेसीबी के साथ सुठानी में विकसित की जा रहीं दो अवैध कालोनियों में निर्माण गिराने के लिए पहुंची। प्रशासन की ओर से बावल के नायब तहसीलदार रवि कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। टीम ने एक नवनिर्मित अवैध निर्माण, डीपीसी व एक चारदीवारी को ही तोड़ा था कि बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए तथा विरोध शुरू कर दिया। विरोध के कारण कार्रवाई को बीच में रोक कर वापस लौटना पड़ा। जिला नगर योजनाकार अधिकारी देवेंद्र पाल के अनुसार अवैध कालोनी काटने वाले पर व अवैध कालोनी में निर्माण करने वालों पर विभाग द्वारा एफआइआर कराई जा चुकी है। पुलिस बल के साथ दोबारा से कालोनी में अवैध निर्माण हटाने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त बावल रोड से नैहचाना रोड पर राजस्व संपदा जलालपुर में लगभग 3 एकड़ में अवैध कालोनी पर विभाग द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई करते हुए पूर्ण रूप से ध्वस्त कर दिया गया। कालोनी में बनाई गई लगभग 13 डीपीसी व 2 चारदीवारी को गिराया गया। उन्होंने आमजन से अपील की है कि नियंत्रित व शहरी क्षेत्र में कोई भी अवैध निर्माण न करे। किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले सरकार के नियमानुसार अनुमति लें। किसी भी अवैध कालोनी में कोई प्लाट न खरीदें। कोई भी व्यक्ति प्लाट खरीदने से पहले कालोनी की वैधता के बारे में जिला नगर योजनाकार कार्यालय से किसी भी कार्यदिवस में जानकारी ले सकते है।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...