Skip to main content

हरियाणा में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिली अलाट मकान बेचने की सुविधा

हरियाणा में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को आवंटित होने वाले फ्लैटों के अलाटमेंट हस्तांतरण के लिए प्रदेश सरकार ने नीति तैयार की है। फ्लैट आवंटन के बाद अभी तक बीपीएल और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लोग अपने फ्लैट न तो बेच सकते थे और न ही किसी को हस्तांतरित कर सकते थे।

हरियाणा आवास बोर्ड ने तैयार की नीति, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दी मंजूरी
कई लोग ऐसे हैं, जिन्हेंं फ्लैट आवंटित तो हो गए, लेकिन वह किसी दूसरे जिले या शहर में बसना चाहते हैं अथवा कहीं दूसरी जगह पर अपना सस्ता मकान बनाने की सामर्थ्‍य रखने लगे हैं तो उन्हेंं पहले से आवंटित फ्लैट बेचने या हस्तांतरित करने में दिक्कतें आती थी।
फ्लैट की पूरी कीमत देने के बाद आवंटन के पांच वर्ष बाद कन्वेंंस डीड संभव
हरियाणा सरकार ने बीपीएल व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लोगों की इस परेशानी को समझते हुए उन्हेंं फ्लैट हस्तांतरण की सुविधा प्रदान की है। हरियाणा आवास बोर्ड के मुख्य प्रशासक डा. अंशज सिंह के अनुसार आवास बोर्ड द्वारा पहले इन फ्लैटों के आवंटन हस्तांतरण (अलॉटमेंट ट्रांसफर) के लिए कोई नीति नहीं थी, लेकिन अब बोर्ड द्वारा इनके आवंटन हस्तांतरण के लिए निजी लाइसेंसशुदा कॉलोनियों में आवास बोर्ड हरियाणा द्वारा निर्मित बीपीएल व ईडब्ल्यूएस आवास इकाइयों के हस्तांतरण हेतु नीति तैयार की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहली जुलाई से इस नीति को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे हजारों लोगों को फायदा होगा।

बता दें कि हरियाणा आवास बोर्ड के चेयरमैन रहते हुए जवाहर यादव ने भी इस दिशा में खासा काम किया है। जवाहर यादव मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओएसडी थे। बाद में उन्हेंं आवास बोर्ड का कार्यभार सौंपा गया। अब वह संगठन के लिए काम कर रहे हैं। डा. अंशज सिंह के अनुसार आवास बोर्ड हरियाणा द्वारा बीपीएल और ईडब्ल्यूएस लोगों को किफायती आवास मुहैया करवाकर उनके अपना घर के सपने को हकीकत में बदलने का काम कर रहा है।
उन्‍होंने बताया कि अब बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक सबको आवास देने के लक्ष्य की तरफ कदम तेजी से बढ़ाए हैं। प्राइवेट कॉलोनाइजरों द्वारा गरीबी रेखा से नीचे एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए विकसित तकरीबन 20 हजार फ्लैटों पर कब्जा दिया जा चुका है।
मुख्य प्रशासक ने बताया कि अब यह फ्लैट बीपीएल एवं ईडब्ल्यूएस से उसी श्रेणी में आवंटन के एक वर्ष के बाद जबकि किसी अन्य वर्ग को आवंटन के पांच साल के बाद हस्तांतरित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि फ्लैटों की पूरी कीमत देने के बाद आवंटन के पांच वर्ष के बाद कन्वेंंस डीड भी करवाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जो लोग आवंटन से बचे हुए हैं, उन्हेंं नए मकानों के अलाटमेंट की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जा रही है।


Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में छत का प्लॉस्टर गिरा:घटना के समय 6 महिलाएं मौजूद थीं, सभी को दूसरी जगह शिफ्ट किया

  घटना वाले कक्ष की छत के हालात रेवाड़ी में स्थित सरकारी अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में छत से प्लॉस्टर गिर गया। प्लॉस्टर गिरने के समय 6 महिलाएं मौके पर मौजूद थी। जिन्हें घटना के बाद अस्पताल के दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया गया। घटना से अस्पताल में भर्ती मरीजों में दहशत का माहौल बन गया था। रेवाड़ी अस्पताल स्थित जच्चा बच्चा कक्ष में वीरवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे छत से प्लॉस्टर गिर गया। प्लॉस्टर एक महिला के पास में गिरा, जिससे जच्चा-बच्चा कक्ष में चीख-पुकार मच गई। ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत अस्पताल प्रबंधन को बताया। जिसके बाद मरीजों को वहां से फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। डिलीवरी मरीज थी ज्यादा रेवाड़ी अस्पताल के में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा हो गई थी। जिसके कारण ग्राउंड फ्लोर पर भी डिलीवरी के बाद महिलाओं को यहां रखा गया था। हादसा हुआ तो मौजूद महिलाओं के परिजन बिफर गए। जिन्होंने कहा कि यहां पर महिलाएं सुरक्षित नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने ऐसे कमरे में रखा है, जहां पर कभी भी हादसा हो सकता है।

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट:CLU के बदले 30-50 करोड़ रुपए मांगने के आरोप; 12 साल पुराना है केस

  कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया गया है।               कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया गया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने करीब 12 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व हेल्थ मिनिस्टर राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ नारनौल कोर्ट में पीसी एक्ट के तहत चालान पेश किया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इससे राव नरेंद्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने धर्मेंद्र कुहाड़ से पलवल में 30 एकड़ जमीन की सीएलयू (CLU) कराने की एवज में 30 से 50 करोड़ रुपए की डिमांड की थी। धर्मेंद्र कुहाड़ ने इसका स्टिंग ऑपरेशन करके ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी, जिसकी सीडी बनाकर उसने इनेलो के तत्कालीन विधायक रामपाल माजरा को दी। रामपाल माजरा ने साल 2014 में प्रदेश के लोकायुक्त के पास शिकायत नंबर 44 दर्ज कराई थी। इनेलो की ओर से स्टिंग ऑप...