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डीसी के आदेश पर सीटीएम ने 15 दिन का रिकार्ड खंगाला, इंक्वायरी जारी

  • राज्य सरकार ने 22 जुलाई से ही प्रदेशभर की सभी तहसीलों में रजिस्ट्रीयां करने पर लगाई हुई है रोक
  • सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया, अधिकारी बोले- गड़बड़ी मिली तो यहां भी लेंगे एक्शन
  • प्रशासन की जांच में घोटाला उजागर होता है तो तहसील के कई कर्मियों पर गिर सकती है गाज




  • प्रदेशभर में फर्जी रजिस्ट्रियों को लेकर शोर मच रहा है। इसकी जांच प्रदेशभर में चल रही है। रेवाड़ी में भी इसकी जांच शुरू हो चुकी है। डीसी यशेंद्र सिंह के आदेश पर सीटीएम संजीव कुमार जांच कर रहे हैं। अधिकारियों की माने तो तहसीलों में करीब 10 से 15 दिन का रिकार्ड खंगाला जा चुका है। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी मिली है या नहीं ये प्रशासन की तरफ से अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं राज्य सरकार ने रजिस्ट्रियों के घोटालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इधर, जिला प्रशासन ने कहा है कि यदि जिले की तहसीलों में गड़बड़ी मिली तो यहां भी एक्शन लिया जाएगा।
    प्रदेशभर से सरकार के पास फर्जी तरीके से रजिस्ट्रियां की जाने और मोटी कमाई का खेल किए जाने की शिकायतें पहुंची थीं
    रेवाड़ी प्रशासन के पास भी पहुंची थी शिकायत
    राज्य सरकार ने 22 जुलाई से प्रदेशभर के सभी तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्रियों पर रेाक लगा दी थी। इसके बाद से ही कोई रजिस्ट्रियां नहीं की जा रही हैं। तहसील कार्यालयों के रिकार्ड की जांच की जा रही है। दरअसल सरकार के पास फर्जी तरीके से रजिस्ट्रियां की जाने और मोटी कमाई का खेल किए जाने की शिकायतें पहुंची थी। शुक्रवार देर शाम कुछ जिलों में तहसील अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज भी गिरनी शुरू हो गई।
    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार रेवाड़ी में भी फर्जी रजिस्ट्री की शिकायत प्रशासन को मिली थी। इसके बाद डीसी ने खुद अधिकारियों को इस बारे में सख्त निर्देश दिए थे। इसी दौरान सरकार के रोक के आदेश जारी हो गए। शिकायतकर्ता मानते हैं कि यदि बारीकी से जांच हो तो फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।
    ऑर्डर; सभी गांवों की जमाबंदी सोमवार तक करें ऑनलाइन
    डीसी यशेन्द्र सिंह ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिले के सभी 412 गांवों की जमाबन्दी सोमवार तक ऑनलाइन करें। इस मामले में डीसी ने शुक्रवार को जिला के सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक भी ली। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जमाबन्दी होने से कोई भी अपना स्टेटस कहीं से भी जान सकेगा तथा रजिस्ट्री होने के बाद तुरन्त रिमार्क में आ जाएगा। ऑनलाइन जमाबंदी होने से जमीदार को परेशानी नहीं होगी।
    ऑनलाइन सिस्टम रोकेगा धांधली
    ऑनलाइन पोर्टल से भूमि का ऑनलाइन रिकॉर्ड किसी भी समय और किसी भी स्थान पर देखा जा सकता है। इस पोर्टल के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड पर जानकारी जोड़ने और अपडेट करने की प्रक्रिया भी संभव है। हरियाणा जमाबंदी नकल की पूरी जानकारी प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन पोर्टल jamabandi.nic.in को शुरू किया गया है। इस हरियाणा ऑनलाइन पोर्टल से लोग अपना खाता नंबर डालकर भूमि का सारा विवरण ले सकेंगे। इस पोर्टल के माध्यम हरियाणा के अपनी भूमि से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी जैसे जमाबंदी नक़ल, खसरा खतौनी, अपना खाता आदि ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ साथ लाभार्थी अपना खेत नंबर, खतौनी नंबर संबंधी भी जानकारी ले सकते हैं। जमीदार को पटवारघर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे तथा इससे कालाबाजारी भी नहीं होगी।
    जांच के बाद आगे कार्रवाई : डीसी
    सीटीएम को रेवाड़ी तहसील कार्यालय की जांच सौंपी है। यहां करीब 15 दिन का रिकार्ड खंगाला जा चुका है। पीछे का रिकार्ड भी जांचा जाएगा। जांच पूरी होने पर स्पष्ट हो पाएगा कि यहां फर्जी रजिस्ट्रियां हुई या नहीं। इसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। -यशेंद्र सिंह, डीसी।

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